हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा संसाधन एवं जल विद्युत परियोजनाएं |

नाथपा – झाकड़ी जल विद्युत परियोजना: यह परियोजना किन्नौर जिले में सतलुज नदी पर स्थित है | इसकी उत्पादन क्षमता 1020 मेगावाट है |

भाभा जल विद्युत प्रयोजना : यह परियोजना किन्नौर जिले में स्थित है | इसकी कुल उत्पादन क्षमता १२० मेगावाट (40 -40 मेगावाट की तीन इकाइयां ) है | परियोजना की अनुमानित लागत 55.84 करोड़ रूपये है |
आंध्रा जल विद्युत परियोजना : यह परियोजना शिमला जिले की रोहडू तहसील में स्थित है | इसकी उत्पादन क्षमता 15 मेगावाट है जो 5 -5 मेगावाट की तीन इकाईयां है |

बस्सी जल विद्युत परियोजनाएं : यह परियोजना जोगिन्दर नगर में स्थित बस्सी पावर हाउस की क्षमता विकसित करने के लिए अपनाई गयी है | इसकी उत्पादन क्षमता 15 मेगावाट है | इस परियोजना पर 25 करोड़ रुपये खर्च किये गए है |
बिनवा जल विद्युत परियोजना : यह परियोजना राज्य के काँगड़ा जिले में बैजनाथ के निकट है | इसकी उत्पादन क्षमता १६ मेगावाट (२.२ मेगावाट की आठ इकाईयां ) है |

रोंग-टोंग जल विद्युत परियोजना: यह परियोजना लाहौल स्पीति के कबाइली क्षेत्र में स्थित है और स्पीति घाटी में अपनी तरह की पहली परियोजना है | इसकी कुल विद्युत उत्पादन क्षमता २ मेगावाट है | यहाँ 0.5 मेगावाट की चार इकाईयां स्थित है |

बासपा जल विद्युत परियोजना-1: बासपा सतलुज नदी की प्रमुख सहायक नदी है | इस नदी की विद्युत उत्पादन क्षमता को दो खंडों में प्रयोग करने का प्रावधान है | पहले खंड में किन्नौर जिले के रक्षक नामक गांव के निकट नदी के ऊपर 165 मीटर ऊँचा बांध बनाने की योजना इसकी उत्पादन क्षमता 150 मेगावाट है | इसका जल संग्रह क्षेत्र 25000 हेक्टेयर है |

बासपा जल विद्युत परियोजना-2: किन्नौर के सांगला में 760 मीटर की ऊंचाई से पानी को नीचे गिरा कर 250 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता विकसित की गयी है | इसकी उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट
है | इसका जल संग्रहण क्षेत्र 96722 वर्ग कि.मी है |

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